Monthly Magzine
Sunday 23 Apr 2017

कहानी

  • इतने बरसों बाद
  • May  2013   ( अंक164 )
    By : अजित कुमार     View in Text Format    |     PDF Format
  • ठूंठ
  • May  2013   ( अंक164 )
    By : सिरिल मैथ्यू     View in Text Format    |     PDF Format
  • ईश्वर है...
  • May  2013   ( अंक164 )
    By : दुर्गा हाकरे     View in Text Format    |     PDF Format
  • \'ब्रज का कान्हा गाँव की गोरी रंग बरसाती देखी\'
  • May  2013   ( अंक164 )
    By : नलिनी श्रीवास्तव     View in Text Format    |     PDF Format
  • वृध्दाश्रम
  • May  2013   ( अंक164 )
    By : डॉ संगीता झा     View in Text Format    |     PDF Format
  • उसकी बिदाई के बाद बचपन से मातृहीना वह बिल्कुल अकेला हो गया। उस पर भाभी का कहर टूटा।
  • June  2013   ( अंक165 )
    By : धर्मेन्द्र कुसुम     View in Text Format    |     PDF Format
  • हीरा और हीरामन तोता उसके संगी साथी थे। हीरामन करीब छ: साल से उसके साथ था और हीरा सात-आठ माह का जवान बकरा।
  • June  2013   ( अंक165 )
    By : अशोक कुमार प्रजापति     View in Text Format    |     PDF Format
  • कमला को शक था कि कहीं रावजी का अभिनेत्री सुशीला बाई के साथ अनैतिक संबंध तो नहीं? उसी संदेह के चलते कमला के एक बच्चा पैदा हुआ।
  • June  2013   ( अंक165 )
    By : कन्नड़ मूल : कु. वीरभद्रप्पा, अनुवाद : प्रो. बी.वै. ललिताम्बा     View in Text Format    |     PDF Format
  • गांव में हम लोग आइसक्रीम को आइसक्रीम नहीं कहकर ठंडी बरफ क्यों कहते थे,
  • July  2013   ( अंक166 )
    By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format
  • सुबह छ: बजे का समय था। सूरज की कोमल किरणें खेतों में छा गई थी। इन किरणों से बाजरे की कणिसें पीले दिखाई दे रहे थे।
  • July  2013   ( अंक166 )
    By : अन्य     View in Text Format    |     PDF Format