Monthly Magzine
Friday 22 Jun 2018

Current Issue

एक समय छत्तीसगढ़ में चौदह देशी रियासतें थीं। इनमें से एक थी कोरिया जिसका नाम ही प्रदेश से अपरिचित लोगों को आश्चर्य में डाल देता है। चारों तरफ घनघोर जंगल और धरती के नीचे बेशुमार कोयला। बैकुंठपुर इस रियासत की राजधानी थी जिसका काफी कुछ वर्णन डॉ. कांतिकुमार जैन ने अपनी अद्भुत जीवनीपरक पुस्तक 'बैकुंठपुर में बचपनÓ में किया है। (यह मात्र संयोग है कि दो माह के भीतर मैं दूसरी बार कांतिकुमार जी का नाम उल्लेख कर रहा हूं।) बैकुंठपुर शेष छत्तीसगढ़ से किसी हद तक कटा हुआ है, लेकिन यहां की मिट्टी पानी में कुछ तो कमाल है। देश के कितने ही जाने-माने लेखकों का यहां से गहरा नाता रहा है। आचार्य रामचंद्र शुक्ल, रामानुजलाल श्रीवास्तव,

Read More

Previous Issues