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कमल चंचल अक्षर पर्व के मई अंक का मुखपृष्ठ मुझे मेरी माता की याद दिला गया। मां ऐसे ही मुनगे को छील कर सब्जी बनाने छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा करती थीं। बहरहाल ये चंद टुकड़े अक्षर पर्व पर उत्साह और उमंग से नृत्य करते लगे। प्रस्तावना सटीक और विचारणीय है। कविता और ग़ज़लें अच्छी लगी।  

कमल चंचल

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March Edition

Thursday, March 11, 2010,4:00:22 AM

प्रस्तावना
यद्यपि हिन्दी में छपी पुस्तकों की बिक्री कम होती है, लेकिन इससे लेखक या प्रकाशक के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। रचनाकार निरंतर अपनी कलम चला रहे हैं और प्रकाशक बराबर पुस्तकें छापे जा रहे हैं। मेरा अनुमान है कि हिन्दी में कम से कम पांच हजार पुस्तकें प्रतिवर्ष प्रकाशित होती हैं। शासकीय पुस्तक खरीदी के लिए गठित समितियों की बैठकों में मुझे दो-तीन बार भाग लेने का मौका मिला है तथा वहां मैंने पाया कि नई-पुरानी मिलाकर प्रतिवर्ष औसतन सात हजार पुस्तकें खरीदी के लिए प्रस्तुत की जाती है। आगे..
 

डायरी विचार / लेख

अपनी समझ का अर्थ : डायरी के पन्नों से
किशन पटनायक कोई सात बजे पहुंचे। वे गैस-पीड़ित इलाकों का दौरा करने गये थे। आगे..

कविता ही मेरा पहला प्रेम है
बांग्ला की सुप्रसिध्द लेखिका नवनीता देवसेन ने सीता से शुरु व शब्द पड़े टापुर-टिपिर जैसी कई महत्वपूर्ण रचनाएं साहित्य जगत आगे..

संस्मरण पुन: स्मरण

मेरा शहर शहर की खामोशी
निर्मल वर्मा की पुरानी और प्रसिध्द कहानी 'अंधेरे में' में एक पात्र वीरेन चाचा भी है। आगे..

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विश्व साहित्य कहानी

पुश्किन निर्वासन, औरतें और इवैले (1)
(महाकवि पुश्किन की जीवनी का एक रोमांचक पृष्ठ। देश-काल: समरकालीन रुस 1821) आगे..

मां की निशानी और एक महानायक का जन्म (1)
मां का तेरहवां सम्पन्न हो चुका था। हम सब भाई-बहन, अपने बीबी-बच्चों के साथ इकट्ठा हुए थे।आगे..