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अक्षर पर्व का रूपाकार-कलेवर दिन-ब-दिन निखरता जा रहा है। उत्सव अंक देखकर खुशी हुई। अक्षरपर्व में पुस्तक समीक्षा, ग़ज़ल, लघुकथा, अकविता, दोहे, कहानी, संस्मरण, आलेख सब कुछ शामिल करने का आपका साहित्यिक प्रयास सर्वथा गुंजरित है।  

विजय रंजन

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September Edition

Wednesday, September 08, 2010,3:28:31 AM

प्रस्तावना
कोई कहानी सैय्यद हैदर राज की बनाई तस्वीर की मानिंद हो सकती है कि आप सूरज की टिकुली को नार साध कर देखते हुए अनुमान लगाते रहें कि लाल या काला बिन्दु जगत का कौन-सा भेद आपके सामने प्रकट कर रहा है! कोई कहानी जगदीश स्वामीनाथन के बनाए चित्र की तरह भी हो सकती है कि शून्य में टिकी एक पत्ती से आप पूछें कि जीवन का कौन-सा रहस्य उसने अपनी काया में सहेज रखा है! ऐसी कहानी कभी शायद मणि कौल या कुमार शाहनी की बनाई किसी फिल्म का आभास कराए कि अतिमंथर गति से आगे बढ़ती फ्रेम से आप सत्य का कोई रेशा खींचकर निकाल लें। या फिर संभव है कि आपके सामने वह हो जो बरबस मार्क्वो की याद दिला दे- आगे..
 

डायरी विचार / लेख

अपनी समझ का अर्थ : डायरी के पन्नों से
किशन पटनायक कोई सात बजे पहुंचे। वे गैस-पीड़ित इलाकों का दौरा करने गये थे। आगे..

हिन्दी भारत को और भारतवंशियों को एक सूत्र में पिरोने का काम कर रही है (1)
भारत की किसी भी भाषा को अन्य भारतीय भाषाओं, विशेषत: उत्तर, पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों की, जिन्हें सामान्यत: भारोपीय परिवार से जोड़ा जाता है, आगे..

संस्मरण पुन: स्मरण

मेरा शहर शहर की खामोशी
निर्मल वर्मा की पुरानी और प्रसिध्द कहानी 'अंधेरे में' में एक पात्र वीरेन चाचा भी है। आगे..

थियेटर इंसान की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा है
जर्मनी में बर्तोल्त ब्रेख्त और ब्राजील में अगस्तो बाओल और भारत में हबीब तनवीर ने अपने-अपने देश में लाख विरोध के आगे..

विश्व साहित्य कहानी

पुश्किन निर्वासन, औरतें और इवैले (1)
(महाकवि पुश्किन की जीवनी का एक रोमांचक पृष्ठ। देश-काल: समरकालीन रुस 1821) आगे..

मंत्री के समधी, कलट्टर के बाप (1)
रमेसुर अपने सपनों में डूबा था। उसकी पत्नी ने उसे हिला कर जगाया और बोली, 'सोवतै रहिहौ का? कितना दिन चढ़िगा, है कुछ खबर?आगे..