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Saturday 18 Nov 2017

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1978 या 79 की गर्मियों का वाकया है। इंदिरा गांधी (वे उस वक्त प्रधानमंत्री नहीं थीं) और पी.वी. नरसिंह राव बंगलौर से मैसूर जा रहे थे। उनके साथ एक पूर्व परिचित अमेरिकी राजनैतिक विश्लेषक भी थे। उनके मन में शायद इंदिरा जी से तत्कालीन राजनीति पर बात करने की इच्छा रही होगी! इंदिरा जी तीन घंटे की यात्रा के दौरान दोनों सहयात्रियों को रास्ते के पेड़-पौधों के बारे में जानकारी देती रहीं। सफर खत्म हुआ तो श्री राव से अमेरिकी सज्जन ने कहा- इन्हें तो राजनीति में जाने के बजाय वनस्पति शास्त्र का प्रोफेसर होना चाहिए था।
इसके कुछ समय बाद का एक अन्य प्रसंग है। आर. राजामणि प्रधानमंत्री

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