राजो (1)
आशु भैया ने मेरा जिस तरह ख्याल रखा एक पिता, बड़े भाई, गुरु, मित्रवत और कभी-कभी मां की ममता और वात्सल्य के साथ। आगे..
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राजो (2)
छुट्टियों में भैया के आते ही धमाल मचाने की आस यूं ही तिरोहित हो गई। आगे..
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राजो (3)
वो मेरे ऊपर मानों गिर ही पड़ी बात की गंभीरता का अंदाज लगा कर उसे किसी तरह स्टाफ रुम से बाहर ले गई। आगे..
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अभिलाषा
सुखारी माचिस लेकर दौड़ता हुआ पेड़ तक आया। लग्गी पर बंधी गंजी की लुकारी जलाने लगा। आगे..
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टूटी बटन उधड़ी सिलाई
यूं तो वह रोज सुबह 10 बजे एक छोटे बच्चे की उंगली थामे मेरे घर के सामने से गुजरता था। आगे..
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जूना पुराना सामान
उस दिन जब मिसेज वर्मा ने जूना पुराना सामान ख्रीदने वाले को आवाज देकर बुलाया और घर का सारा जूना पुराना भंगार आगे..
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अंग्रेजी कहानी : कलाकृति
मूर्ति के कारण शोसकिन का भी बुरा हाल था। सारे दिन उसके यहां लोग आते और ठहाके लगाकर मूर्ति को देखते और मजा लेते थे। आगे..
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