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थियेटर इंसान की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा है
जर्मनी में बर्तोल्त ब्रेख्त और ब्राजील में अगस्तो बाओल और भारत में हबीब तनवीर ने अपने-अपने देश में लाख विरोध के  आगे..
कट्टर रंगधर्मी थे प्रेम साइमन
लगभग 21-22 अप्रैल से अखबारों के माध्यम से खबर मिलती रही कि कथाकार, कवि और सुविख्यात रंगकर्मी प्रेम  आगे..
कवि कहानीकार स्व. गोविंददास 'भारतीय' के पत्र और कविताएं
ये पत्र स्व. विनय कुमार भारती को संबोधित हैं, जिनका मई-2008 के अंक में पुनर्स्मरण हमने किया है।  आगे..
पं. केशवप्रसाद मिश्र : स्वाध्यायी
सुवक्ता और सुलेखक

सन 1923 में मैं सेन्ट्रल हिन्दू स्कूल का प्रधान अध्यापक नियुक्त किया गया। उससे पहले सुना करता था कि हिन्दू स्कूल में  आगे..
विद्रोही कवि सुकांत भट्टाचार्य: जीवन तथा कृतित्व
पतिवादी बंगला काव्य धारा में सुकांत भट्टाचार्य एक उावल हस्ताक्षर हैं। अपने अल्प जीवन (21 वर्ष की उम्र) में ही  आगे..
द्विवेदी मेले के क्रम में
खबर मिली है कि स्व. आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के अपने गांव दौलतपुर में बहुत बरसों बाद सन् 2009 में फिर से  आगे..
विश्वम्भरनाथ उपाध्याय की काव्य संवेदना
कविता वही है जिसमें सम-वेदना हो। जो अन्तर से सीधा संवाद कर सके, विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष के लिए सम्बल दें आगे..
(लोक कलाकार भिखारी ठाकुर के जन्मदिन 15 जनवरी पर विशेष)
आसपास बिखरे संदर्भों से प्रभावित होना मनुष्य की सहज प्रवृत्ति है। कलाकार उन संदर्भों के प्रभाव को अपनी कला के माध्यम से  आगे..
दिनकर-शताब्दी
पराधीन भारत में 23 सितम्बर, 1908 ईसवीं को जन्में दिनकर मूलत: और स्वभावत: क्रान्तिवादी कवि थे, आगे..
रह तो नहीं गया -2
गाय का महत्व दिल्ली में रह रहे कवि के लिए नहीं है। उसे देखने की किसे पड़ी है जब कविता में  आगे..

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