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मेरा शहर शहर की खामोशी
निर्मल वर्मा की पुरानी और प्रसिध्द कहानी 'अंधेरे में' में एक पात्र वीरेन चाचा भी है।  आगे..
मेरा शहर चांद का अपना शहर
सेंट जोसेफ कान्वेन्ट की बरसों पुरानी इमारतों के करीब ही विक्टोरियन शैली के तीन मकान हुआ करते थे।  आगे..
मेरा शहर
लौटती सर्दियों की शाम है। अक्टूबर के वे दिन, जो कोजागिरी के करीब के दिन होते हैं।  आगे..
चर विद्रोही कवि सुकान्त और उनकी कविता - 2
(सुनो रे मालिक, सुनो रे जमींदार!
तुम्हारे महल में जमे हुए कितने मनुष्यों के हाड़-
 आगे..
चर विद्रोही कवि सुकान्त और उनकी कविता - 1
सकांत बंगला-साहित्य-जगत के ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतीय-साहित्य जगत के एक विलक्षण प्रतिभावान कवि के रूप में  आगे..
आचार्य शिवपूजन सहाय बलिदानी कर्मवीर थे- प्रो. नामवर सिंह
शिव जी ठेठ पत्रकार नहीं थे। वे मुख्यत: साहित्यकार थे।  आगे..
स्मरण : गोविन्द मिश्र-23 वर्ष पुरानी याद
हर साल की भांति इस साल भी हिन्दी दिवस मनाया जाना था। मेरी नौकरी का दूसरा वर्ष था।  आगे..
स्मरण : राजेंद्र अनुरागी: एक गीतिमय शख्सियत
नर्मदा पुत्र, जनता के कवि राजेंद्र अनुरागी का पार्थिव शरीर 12 दिसम्बर 2008 की रात 78 वर्ष की आयु में पंच महाभूतों में  आगे..
जैनेन्द्र : एक मुलाकात
जैनेन्द्र से मेरी मुलाकात 29 सितम्बर 1983 में अलवर में हुई थी। वहां की एक साहित्यिक संस्था  आगे..
वेणुगोपाल को श्रध्दांजलि
सुप्रसिध्द हिन्दी कवि और पत्रकार वेणुगोपाल के निधन पर 'सम्भावना' द्वारा श्रध्दांजलि दी गई। वेणुगोपाल मूलत:  आगे..

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