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चक्रव्यूह में सोच
फक्त जिन्दगी का क्या भरोसा। कब दम निकल जाये। सो भाई-जीतेजी आपसयारी में ही मजा है। गुमसुम चुपचाप अकेले में, रुठे हुए या सूखे हुए जिन्दगी  आगे..
वक्त की पाबंदी के सुख
कर्नल गंगाराम सेना से रिटायर होकर अपने गृह नगर में आ बसे।  आगे..
व्यंग्य : सवाल एक लाख करोड़ का
साठ वर्षीय घोटालों के आसमान में चन्दा सा चमक रहा एक लाख करोड़ का खाद्यान्न घोटाला।  आगे..
इक्सीसवीं शताब्दी कम्प्यूटर सीरीज
भला हो हावर्ड एकेन और उनके द्वारा अविष्कृत हावर्ड मार्क-1 कम्प्यूटर का कि आज कम्प्यूटर की छठवीं पीढ़ी विश्व भर में   आगे..
खेल-खेल में खेल
बच्चे विचित्र होते हैं। प्रतिभा-संपन्न भी। वे खेल-खेल में कोई नया खेल खोज लेते हैं।  आगे..
भागते हुए समय का दस्तावेज
आधी शताब्दी बीत गयी, तब से मैं निरन्तर भागते हुए समय का प्रत्यक्षदर्शी बना बैठा हूँ। मेरे सामने घड़ी है, घड़ी गतिमान   आगे..

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