कभी अकेले में मुक्ति नहीं मिलती (1)
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' हिन्दी के ऐसे कवि, कथाकार, उपन्यासकार और चिंतक थे, जिन्होंने भारत की औपनिवेशिक स्वतंत्रता के आसपास और उसके बाद, बदलती सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थितियों में मूलत: एक स्वतंत्र मनुष्य के रुप में आगे..
|
अज्ञेय से एक परिचय
वह 1973 का वर्ष रहा होगा। अज्ञेय भोपाल पधारे थे। उनसे मिलने के लिये अशोक वाजपेयी ने हमें अपने घर बुलाया था।
आगे..
|
अज्ञेय को पीछे मुड़कर देखना
अज्ञेय के समूचे लेखन कर्म को इस संदर्भ में देखने पर मेरी निगाह में उनकी विवादास्पदता गौण ठहरती है। आगे..
|
हिन्दीतर-भाषियों में हिन्दी (1)
चौदहवीं सदी से उन्नीसवीं सदी के पूर्व भाग तक ंफारसी-कादिमी (उर्दू) भारत-भर में (जहां-जहां मुसलमानों के राज थे) संपर्क भाषा और राजभाषा थी। आगे..
|
Click to Read More News: 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24
|